ल: दुश्मन न करे दोस्त ने वो काम किया है \-२
उम्र
भर का ग़म हमें ईनाम दिया है
दुश्मन
न करे दोस्त ने वो काम किया है
उम्र
भर का ग़म हमें ईनाम दिया है
तूफ़ाँ में
हमको छोड़ के साहिल पे आ गये
को: आऽ
ल: तूफ़ाँ में हमको छोड़ के साहिल पे आ गये
साहिल
पे आ गये
नाख़ुदा
का
नाख़ुदा
का हमने जिन्हें नाम दिया है
उम्र
भर का ग़म हमें ईनाम दिया है
दुश्मन
न करे ओऽ
पहले
तो होश छीन लिये ज़ुल्म\-ओ\-सितम से
को: आऽ
ल: पहले तो होश छीन लिये ज़ुल्म\-ओ\-सितम
से
ज़ुल्म\-ओ\-सितम
से
दीवानगी
का
दीवानगी
का फिर हमें इल्ज़ाम दिया है
उम्र
भर का ग़म हमें ईनाम दिया है
दुश्मन
न करे ओऽ
अ: ओऽ
को: आऽ
अ: अपने ही गिराते हैं नशेमन पे बिजलियाँ
को: आऽ
अ: अपने ही गिराते हैं नशेमन पे बिजलियाँ
नशेमन
पे बिजलियाँ
ग़ैरों
ने आ के
ग़ैरों
ने आ के फिर भी उसे थाम लिया है
ल: उम्र भर का ग़म हमें ईनाम दिया है
अ: दुश्मन न करे ओऽ
ल: बन के रक़ीब बैठे हैं वो जो हबीब थे
को: आऽ
ल: बन के रक़ीब बैठे हैं वो जो हबीब थे
वो
जो हबीब थे
यारों
ने ख़ूब
यारों
ने ख़ूब फ़र्ज़ को अंजाम दिया है
उम्र
भर का ग़म हमें ईनाम दिया है
अ: दुश्मन न करे दोस्त ने वो काम किया है
ल: उम्र भर का ग़म हमें ईनाम दिया है
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