Saturday, October 8, 2022

धीरे धीरे मचल ऐ दिल ए बेक़रार

धीरे धीरे मचल दिल बेक़रार 
कोई आता है
यूँ तड़पके तड़पा मुझे बालमा
कोई आता है
धीरे धीरे ...
 
उसके दामन की ख़ुशबू हवाओं में है
उसके कदमों की आहट फ़ज़ाओं में है
उसके................. उसके.................
मुझको करने दे, करने दे सोलह श्रिंगार
कोई आता है
धीरे धीरे मचल... 

मुझको छुने लगिं उसकी पर्छाइयाँ

दिल के नजदीक बजती हैं शहनाइयाँ
मुझको...................... दिल...............
मेरे सपनों के आँगन में गाता है प्यार
कोई आता है
धीरे धीरे मचल...

रूठके पहले जी भर सताऊँगी मैं
जब मनाएंगे वो, मान जाऊँगी हैं
रूठके....................... जब..............
दिल पे रहता है ऐसे में कब इख़्तियार
कोई आता है
धीरे धीरे मचल दिल बेक़रार
कोई आता है
यूँ तड़पके तड़पा मुझे बालमा
कोई आता है
धीरे धीरे ...