Thursday, July 21, 2016

काँटों से खिंच के ये आँचल

काँटों से खींच के ये आँचल
तोड़ के बंधन बांधे पायल
कोई न रोको दिल की उड़ान को
दिल वो चला ह ह हा हा हा हा
आज फिर जीने की तमन्ना है
आज फिर मरने का इरादा है-2

कल के अंधेरों से निकल के
देखा है आँखें मलके मलके
फूल ही फूल ज़िंदगी बहार है
तय कर लिया अ अ आ आ आ आ
आज फिर जीने...

मैं हूँ खुमार या तूफ़ां हूँ
कोई बताए मैं कहाँ हूँ
डर है सफ़र में कहीं खो न जाऊँ मैं
रस्ता नया अ अ आ आ आ आ
आज फिर जीने...


Thursday, July 14, 2016

मिलो न तुम तो हम घबराये

मिलो न तुम तो हम घबराये
मिलो तो आँख चुराये
हमें क्या हो गया है
तुम्हीं को दिल का राज़ बतायें
तुम्हीं से राज़ छुपायें
हमें क्या हो गया है   ...

भोले साथिया
देखे जो शोखी तेरे प्यार की ओय होय
ओ भोले साथिया
देखे जो शोखी तेरे प्यार की
आँचल में भर ली हमने
सारी बहरें संसार की
नयी अदा से हम इठलायें
पायी खुशी लुटायें
हमें क्या हो गया है   ...

रूठे कभी कभी मान गये
बातें तुम्हारी हम जान गये
~
ऐसी अदायें क़ुरबान गये
तुम्हें मनाये दिल बहलायें
क्या क्या नाज़ उठायें
हमें क्या हो गया है   ...

सोहने जोगिया
रंग ले हमें भी इसी रंग में ओय होय
ओ सोहने जोगिया
रंग ले हमें भी इसी रंग में
फिर से सुना दे बंसी
कलियाँ खिला दे गोरे अंग में
वही जो तानें आग लगाये
उन्हीं से आग बुझाएं
हमें क्या हो गया है   ...


सुन साहिबा सुन प्यार की धुन

को \:  सुन साहबा सुन प्यार की धुन
\:    हो मैने तुझे चुन लिया तू भी मुझे चुन
            सुन साहबा सुन ...

            कोई हसीना क़दम पहले बढ़ाती नहीं
            मजबूर दिल से न हो तो पास आती नहीं \-
            ख़ुशी मेरे दिल में हद से ज़्यादा है
            तेरे संग ज़िन्दगी बिताने का इरादा है
            ओ प्रीत के ये धागे तू भी संग मेरे बुन
            सुन साहबा सुन ...
को \:  सुन साहबा सुन ...

            तू जो हाँ कहे तो बन जाए बात भी
            हो तेरा इशारा तो चल दूँ मैं साथ भी \-
            तेरे लिए सायबा नाचूँगी मैं गाऊँगी
            दिल में बसा ले तेरा घर भी बसाऊँगी
            हो डाल दे निग़ाह कर दे प्यार का शगुन
            सुन साहबा सुन ...
को \:  सुन साहबा सुन ...

            मेरा ही ख़ून\-\-जिगर देगा गवाही मेरी
            तेरे ही हाथों लिखी शायद तबाही मेरी
            दिल तुझपे वारा है जान तुझपे वारूँगी
            आए के न आए तेरा रस्ता निहारूँगी
            ओ कर ले क़बूल मुझे होगा बड़ा पुन
            सुन साहबा सुन ...
को \:  सुन साहबा सुन ...


दिल में तुझे बिठाके कर लूँगी मैं बन्द आँखें

दिल में तुझे बिठाकेकर लूँगी मैं बन्द आँखें
पूजा करूँगी तेरीहो के रहूँगी तेरी

मैं ही मैं देखूँ तुझे पिया और न देखे कोई
एक पल भी ये सोच रहे ना किस विधि मिलना होई
सबसे तुम्हें बचाके, कर लूँगी मैं बंद आँखें
पूजा करूँगी तेरी ...

ना कोई बंधन जगत का कोई पहरा ना दीवार
कोई न जाने दो दीवाने जी भर कर ले प्यार
कदमों में तेरे आके, कर लूँगी मैं बंद आँखें
पूजा करूँगी तेरी ...

तेरा ही मुख देख के पिया रात को मैं सो जाऊं
भोर भई जब आँख खुले तो  तेरे ही दरशन पाऊं
तुझको गले लगाकेकर लूँगी मैं बंद आँखें
पूजा करूँगी तेरी ...


ले तो आये हो हमें सपनों की गाँव में

ले तो आये हो हमें सपनों की गाँव में
प्यार की छाँव में बिठाये रखना
सजना ओ सजना ...

तुमने छुआ तो तार बज उठे मन के
तुम जैसा चाहो रहे वैसे ही बन के
तुम से शुरू, तुम्हीं पे कहानी खत्म करे
दूजा न आये कोई नैनो के गाँव में
ले तो आये हो हमें ...

छोटा सा घर हो अपना, प्यारा सा जग हो
कोई किसी से पल भर न अलग हो
इसके सिवा अब दूजी कोई चाह नहीं
हँसते रहे हम दोनों फूलों के गाँव में
ले तो आये हो हमें ...


अखियों के झरोखों से

अखियों के झरोखों से, मैने देखा जो सांवरे
तुम दूर नज़र आए, बड़ी दूर नज़र आए
बंद करके झरोखों को, ज़रा बैठी जो सोचने
मन में तुम्हीं मुस्काए, बस तुम्हीं मुस्काए
अखियों के झरोखों से

इक मन था मेरे पास वो अब खोने लगा है
पाकर तुझे हाय मुझे कुछ होने लगा है
इक तेरे भरोसे पे सब बैठी हूँ भूल के
यूँही उम्र गुज़र जाए, तेरे साथ गुज़र जाए

जीती हूँ तुम्हें देख के, मरती हूँ तुम्हीं पे
तुम हो जहाँ साजन मेरी दुनिया है वहीं पे
दिन रात दुआ माँगे मेरा मन तेरे वास्ते
कहीं अपनी उम्मीदों का कोई फूल न मुरझाए
अखियों के झरोखों से ...

मैं जब से तेरे प्यार के रंगों में रंगी हूँ
जगते हुए सोई रही नींदों में जगी हूँ
मेरे प्यार भरे सपने कहीं कोई न छीन ले
दिल सोच के घबराए, यही सोच के घबराए
अखियों के झरोखों से ...

कुछ बोलके ख़्हामोशियाँ तड़पाने लगी हैं
चुप रहने से मजबूरियाँ याद आने लगी हैं
तू भी मेरी तरह हँस ले, आँसू पलकों पे थाम ले,
जितनी है ख़्हुशी यह भी अश्कों में ना बह जाए
अँखियों के झरोखों से

कलियाँ ये सदा प्यार की मुसकाती रहेंगी
ख़्हामोशियाँ तुझसे मेरे अफ़साने कहेंगी
जी लूँगी नया जीवन तेरी यादों में बैठके
ख़्हुशबू जैसे फूलों में उड़ने से भी रह जाए
अँखियों के झरोखों से


Friday, July 8, 2016

ये समां, समां है ये प्यार का

ये समां, समां है ये प्यार का
किसी के इंतज़ार का
दिल ना चुरा ले कहीं मेरा,
मौसम बहार का

बसने लगे आँखों में, कुछ ऐसे सपने
कोई बुलाये जैसे, नैनों से अपने
ये समां, समां है दीदार का,
किसी के...

मिल के ख़यालों में ही, अपने बलम से
नींद गंवाई अपनी, मैंने कसम से
ये समां, समां है खुमार का,
किसी के...

ना तुम बेवफा हो, ना हम बेवफा हैं

ना तुम बेवफा हो, ना हम बेवफा हैं
मगर क्या करें, अपनी राहें जुदा है

जहाँ ठण्डी-ठण्डी हवा चल रही है
किसी की मोहब्बत वहां जल रही है
ज़मीं आसमां हमसे दोनों खफा हैं
ना तुम...

अभी कल तलक तो मोहब्बत जवां थी
मिलन ही मिलन था, जुदाई कहाँ थी
मगर आज दोनों ही बे-आसरा हैं
ना तुम...

ज़माना कहे मेरी राहों में आजा
मोहब्बत कहे मेरी बाहों में आजा
वो समझे ना मजबूरियाँ अपनी क्या है
ना तुम...

तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो

तुम्हीं मेरे मंदिर, तुम्हीं मेरी पूजा, तुम्हीं देवता हो
कोई मेरी आँखों से देखे तो समझे, कि तुम मेरे क्या हो

जिधर देखती हूँ उधर तुम ही तुम हो
न जाने मगर किन खयालो में गुम हो
मुझे देखकर तुम ज़रा मुस्कुरा दो
नहीं तो मैं समझूंगी, मुझसे खफ़ा हो
तुम्हीं मेरे मंदिर...

तुम्हीं मेरे माथे की बिंदिया की झिलमिल
तुम्हीं मेरे हाथों के गजरों की मंज़िल
मैं हूँ एक छोटी-सी माटी की गुड़िया
तुम्हीं प्राण मेरे, तुम्हीं आत्मा हो
तुम्हीं मेरे मंदिर...

बहुत रात बीती चलो मैं सुला दूं
पवन छेड़े सरगम, मैं लोरी सुना दूं
तुम्हें देखकर ये ख़याल आ रहा है
के जैसे फ़रिश्ता कोई सो रहा हो
तुम्हीं मेरे मंदिर...

तुने ओ रंगीले कैसा जादू किया

तुने ओ रंगीले कैसा जादू किया
पिया पिया बोले मतवाला जिया
बाहों में छुपाके ये क्या किया, ओ रे पिया

पास बुलाके गले से लगाके
तुने तो बदल डाली दुनिया
नए हैं नजारे, नए हैं इशारे
रही ना वो कल वाली दुनिया
सपने दिखाके ये क्या किया, ओ रे पिया

मेरे साजन, कैसी ये धड़कन
शोर मचाने लगी मन में
जैसे लहराए नदिया का पानी
लहर उठे रे मेरे तन में
मुझमें समाके ये क्या किया, ओ रे पिया

Monday, July 4, 2016

लुका छुपी बहुत हुई सामने आ जा ना

लुका छुपी बहुत हुई सामने आ जा ना
कहाँ-कहाँ ढूँढा तुझे
थके है अब तेरी माँ
आजा सांझ हुई मुझे तेरी फिकर
धुंधला गयी देख मेरी नज़र आ जा ना
क्या बताऊँ माँ कहाँ हूँ मैं
यहाँ उड़ने को मेरे खुला आसमान है
तेरे किस्सों जैसा भोला सलोना जहां है
यहाँ सपनो वाला
मेरी पतंग हो बेफिक्र उड़ रही है माँ
डोर कोई लुटे नहीं बीच से काटे ना
आजा सांझ हुई..
तेरी राह ताके अंखियाँ
जाने कैसा कैसा होए जिया
धीरे-धीरे आँगन उतरे अँधेरामेरा दीप कहाँ
ढलके सूरज करे इशारा चंदा तू है कहाँ
मेरे चंदा तू है कहाँ
आजा सांझ हुई..
कैसे तुझको दिखाऊँ यहाँ है क्या
मैंने झरने से पानी माँ तोड़ के पिया है
गुच्छा गुच्छा कई ख्वाबों का उछल के छुआ है
छाया लिया भली धुप यहाँ है
नया-नया सा है रूप यहाँ
यहाँ सब कुछ है माँ फिर भी
लगे बिन तेरे मुझको अकेला
आजा सांझ हुई..

Thursday, June 30, 2016

मेरे भैया मेरे चँदा मेरे अनमोल रतन

(मेरे भैया मेरे चँदा,  मेरे अनमोल रतन
 तेरे बदले मैं ज़माने की
 कोई चीज़ न लूँ) \-

तेरी साँसों की कसम खाके, हवा चलती है
तेरे चहरे की खलक पाके, बहार आती है
एक पल भी मेरी नज़रों से तू जो ओझल हो
हर तरफ़ मेरी नज़र तुझको पुकार आती है

(मेरे भैया मेरे चँदा
 मेरे अनमोल रतन
 तेरे बदले मैं ज़माने की
 कोई चीज़ न लूँ) \-

तेरे चहरे की महकती हुई लड़ियों के लिए
अनगिनत फूल उम्मीदों के चुने हैं मैंने
वो भी दिन आएं कि उन ख़्वाबों के ताबीर मिलें
तेरे ख़ातिर जो हसीं ख़्वाब बुने हैं मैंने

(मेरे भैया मेरे चँदा
 मेरे अनमोल रतन
 तेरे बदले मैं ज़माने की
 कोई चीज़ न लूँ) \-


आओ हुज़ूर तुमको, सितारों में ले चलूँ

[maniacal laughter] hic!
हम से रौशन हैं चाँद और तारे
हम को दामन समझिये न ग़ैरत का
उठ गये हम गर ज़माने से
नाम मिट जायेगा मुहब्बत का
दिल है नाज़ुक कली से फूलों से
यह न टूटे ख़याल रखियेगा
और अगर आप से यह टूट गया
जान\-\-जां इतना ही समझीयेगा
[ंअले वोइचे:] क्या?
फिर कोई बाँवरी मुहब्बत की
अप्नी ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेगी
आरती फिर किसी कन्हैया की
कोई राधा नहीं उतारेगी, hic!

आओ हुज़ूर तुमको ...

आओ हुज़ूर तुमको, सितारों में ले चलूँ ... hic!
दिल झूम जाए ऐसी, बहारों में ले चलूँ
आओ हुज़ूर आओ ...

(हमराज़ हमख़याल तो हो, हमनज़र बनो
तय होगा ज़िंदगी का सफ़र, हमसफ़र बनो) \-
आ हा हाओ ओ, हो हो हो,
आ हा आ हा हा, ओ हो हो ... hic!
चाहत के उजले\-उजले नज़ारों में ले चलूँ
दिल झूम जाए ऐसी, बहारों में ले चलूँ
आओ हुज़ूर आओ ...

लिख दो किताब\-\-दिल पे कोई, ऐसी दास्तां
जिसकी मिसाल दे न सके, सातों आसमां
आ हा हाओ ओ, हो हो हो,
आ हा आ हा हा, ओ हो हो ... hic!
बाहों में बाहें डाले, हज़ारों में ले चलूँ
दिल झूम जाये ऐसी, बहारों में ले चलूँ
आओ हुज़ूर आओ ...


बेचारा दिल क्या करे, सावन जले भादों जले

बेचारा दिल क्या करे, सावन जले भादों जले
दो पल की राह नहीं, इक पल रुके इक पल चले

गाँव गाँव में, घूमे रे जोगी, रोगी चंगे करे,
मेरे ही मन का, तड़प ना जाने, हाथ ना धरे

तेरे वास्ते, लाखों रास्ते, तू जहाँ भी चले,
मेरे लिये है, तेरी ही राहें, तू जो साथ ले


कजरा मुहब्बत वाला, अँखियों में ऐसा डाला

कजरा मुहब्बत वाला, अँखियों में ऐसा डाला
कजरे ने ले ली मेरी जान
हाय रे मैं तेरे क़ुरबान
दुनिया है मेरे पीछे, लेकिन मैं तेरे पीछे
अपना बना ले मेरी जान,
हाय रे ...

आई हो कहाँ से गोरी आँखों में प्यार ले के
चढ़ती जवानी की ये पहली फुहार ले के
दिल्ली शहर का सारा मीना बाज़ार ले के
झुमका बरेली वाला कानों में ऐसा डाला
झुमके ने ले ली मेरी जान, हाय रे ...

मोटर ना बंगला माँगूँ झुमका ना हार माँगूँ
दिल को चलाने वाले दिल का क़रार माँगूँ
सइयां बेदर्दी मेरे थोड़ा सा प्यार माँगूँ
किस्मत बना दे मेरी अपना बना ले मेरी
कर ले सगाई मेरी जान, हाय रे ...

जब से है देखा तुझको हो गए गुलाम तेरे
अपना बना ले गोरी आएंगे काम तेरे
अपना ये जीवन सारा लिख देंगे नाम तेरे
कुर्ता ये जाली वाला उसपर मोतियन की माला
कुर्ते ने ले ली मेरी जान, हाय रे ...