ना तुम बेवफा हो, ना हम बेवफा हैं
मगर क्या करें, अपनी राहें जुदा है
जहाँ ठण्डी-ठण्डी हवा चल रही है
किसी की मोहब्बत वहां जल रही है
ज़मीं आसमां हमसे दोनों खफा हैं
ना तुम...
अभी कल तलक तो मोहब्बत जवां थी
मिलन ही मिलन था, जुदाई कहाँ थी
मगर आज दोनों ही बे-आसरा हैं
ना तुम...
ज़माना कहे मेरी राहों में आजा
मोहब्बत कहे मेरी बाहों में आजा
वो समझे ना मजबूरियाँ अपनी क्या है
ना तुम...
मगर क्या करें, अपनी राहें जुदा है
जहाँ ठण्डी-ठण्डी हवा चल रही है
किसी की मोहब्बत वहां जल रही है
ज़मीं आसमां हमसे दोनों खफा हैं
ना तुम...
अभी कल तलक तो मोहब्बत जवां थी
मिलन ही मिलन था, जुदाई कहाँ थी
मगर आज दोनों ही बे-आसरा हैं
ना तुम...
ज़माना कहे मेरी राहों में आजा
मोहब्बत कहे मेरी बाहों में आजा
वो समझे ना मजबूरियाँ अपनी क्या है
ना तुम...
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