काँटों से
खींच के ये आँचल
तोड़ के बंधन
बांधे पायल
कोई न रोको
दिल की उड़ान को
दिल वो चला ह
ह हा हा हा हा
आज फिर जीने
की तमन्ना है
आज फिर मरने
का इरादा है-2
कल के अंधेरों से निकल के
देखा है
आँखें मलके मलके
फूल ही फूल
ज़िंदगी बहार है
तय कर लिया अ
अ आ आ आ आ
आज फिर
जीने...
मैं हूँ खुमार या तूफ़ां हूँ
कोई बताए मैं
कहाँ हूँ
डर है सफ़र
में कहीं खो न जाऊँ मैं
रस्ता नया अ
अ आ आ आ आ
आज फिर
जीने...
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