बेचारा दिल
क्या करे, सावन जले भादों जले
दो पल की राह
नहीं, इक पल रुके इक पल चले
गाँव गाँव में, घूमे
रे जोगी, रोगी चंगे करे,
मेरे ही मन
का, तड़प ना जाने, हाथ
ना धरे
तेरे
वास्ते, लाखों
रास्ते, तू जहाँ भी चले,
मेरे लिये है, तेरी
ही राहें, तू जो साथ ले
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