जब तक रहे तन
में जिया वादा रहा, ओ साथिया
हम तुम्हारे
लिये तुम हमारे लिये
ओ... हम
तुम्हारे लिये तुम हमारे लिये
धूप
लगेगी जब जब तुमको
सजना
ओ डारून्गी
मैं आंचल की छैयां
साँझ पड़े जब
थक जाओगे बलमा
वारूँगी मैं
गोरी गोरी बैयां
डोलूँगी बनके
चाँदनी मैं तेरे अँगना
जब तक रहे तन
में जिया वादा रहा ओ साथिया
हम तुम्हारे
लिये तुम हमारे लिये
सारी जनम को अब तो अपने तन पे हाँ
ओ ओढ़ी
चुनरिया मैंने साजन की
खिली रहे
मुस्कान तेरी फिर चाहे
ओ लुट जाये
बगिया मेरे जीवन की
मैं जीवन छोड़
दूँ छोड़ूँ न मैं तेरी गलियां
जब तक रहे तन
में जिया वादा रहा ओ साथिया
हम तुम्हारे
लिये तुम हमारे लिये
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