को : सुन साहिबा सुन प्यार की धुन
ल : हो मैने तुझे चुन लिया तू भी मुझे चुन
सुन
साहबा सुन ...
कोई
हसीना क़दम पहले बढ़ाती नहीं
मजबूर
दिल से न हो तो पास आती नहीं -२
ख़ुशी
मेरे दिल में हद से ज़्यादा है
तेरे
संग ज़िन्दगी बिताने का इरादा है
ओ
प्रीत के ये धागे तू भी संग मेरे बुन
सुन
साहबा सुन ...
को : सुन साहबा सुन ...
तू
जो हाँ कहे तो बन जाए बात भी
हो
तेरा इशारा तो चल दूँ मैं साथ भी -२
तेरे
लिए सायबा नाचूँगी मैं गाऊँगी
दिल
में बसा ले तेरा घर भी बसाऊँगी
हो
डाल दे निग़ाह कर दे प्यार का शगुन
सुन
साहबा सुन ...
को : सुन साहबा सुन ...
ओ
मेरा ही ख़ून-ए-जिगर देगा
गवाही मेरी
तेरे
ही हाथों लिखी शायद तबाही मेरी
दिल
तुझपे वारा है जान तुझपे वारूँगी
आए
के न आए तेरा रस्ता निहारूँगी
ओ
कर ले क़बूल मुझे होगा बड़ा पुन
सुन
साहबा सुन ...
को : सुन साहिबा सुन ...
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