Thursday, June 30, 2016

जाइये आप कहाँ जायेंगे ये नज़र लौट के फिर आयेगी

जाइये आप कहाँ जायेंगे
ये नज़र लौट के फिर आयेगी
दूर तक आप के पीछे पीछे
मेरी आवाज़ चली आयेगी
जाइये...

आपको प्यार मेरा याद जहाँ आयेगा
कोई काँटा वोही दामन से लिपट जायेगा \- (२)
जाइये...

जब उठोगे मेरी बेताब निगाहों की तरह
रोक लेंगी कोई डाली मेरी बाहों की तरह \- (२)
जाइये...

देखिये चैन मिलेगा न कहीं दिल के सिवा
आपका कोई नहीं, कोई नहीं दिल के सिवा \- (२)
जाइये...


No comments:

Post a Comment